index का trading में इस्तेमाल
२ तरीको से किया जा सकता है –
खुद index में trading
करके! ... या फिर shares की analysis में index का इस्तेमाल करके!
चलिये पेहले हम index के
बारेमे अपना knowledge थोडा refresh कर लेते है! ...
stock exchange एक कंपनी है
जिसकी कमाई का एक बड़ा जरिया है की लोग shares ख़रीदे / बेचे! इसके बदले stock
exchange को fee देनी होती है!
stock exchange हर मुमकिन
कोशिश करता है की ज्यादा से ज्यादा लोग trading करे! इसमें index की उनको मदत होती
है!
जब market ऊपर जा रहा होता
है तब traders में खरीदने का उत्साह बढ़ जाता है!
जब market निचे आता है तब
traders में खरीदने का उत्साह इतना नहीं दीखता! बल्कि काफी बार traders shares
बेचते हुए दिखाई देते है!
वो क्या है जिसको देखकर या
जिसका analysis करके traders ये जानने की कोशिश करते है की market उपर जा रहा है
या नही?
जवाब है - INDEX!
जैसे की आपको पता ही होगा
की INDEX कुछ गिने चुने shares का समूह है!
INDEX का मुख्य उद्देश है
की, traders, market का mood देख पाये, जान पाये!
INDEX में shares का चुनाव
इस तरीके से किया जाता है की वो पुरे market को represent कर सके!
हमारे यहाँ NSE और BSE ये
दो प्रमुख stock exchange है!
NSE का मुख्य index NIFTY
और BSE का मुख्य index SENSEX इनके बारे में कौन नहीं जनता!
NIFTY को निचे जाता देख
traders ये मान लेते है की market weak है! SENSEX की उछाल traders को उत्साहित
करती है! वो मान लेते है market strong है!
मुख्य index के अलावा, अलग
अलग sectors के भी अपने अपने index होते है! जैसे bank shares का niftybank, IT
shares का Nifty IT etc.
अब हम दोबारा से हमारे
उद्देश की ओर चलते है! हम ये जानना चाहते है की इन सारे index का इस्तेमाल हमारे
trading में कैसे करे?
# index में trading – stock
exchange में जितने index है उनमेसे कुछ index में trading की जा सकती है! बिलकुल
वैसे ही जैसे हम shares खरीदते/बेचते है!
जैसे हम shares खरीदने से
पेहले analysis करते है उसी तरह यहाँ भी करनी है!
लेकिन index में trading
करते वक़्त कुछ और बातो को ध्यान में रखना जरूरी होता है ...
i.
index में trading futures
and options (derivatives) में
होती है! इसलिये इसमें f & o की
analysis भी करनी पड़ेगी!
ii.
ये futures and options का
trade है! इसलिये expiry का इसके उतार चढ़ाव पर असर होगा!
iii.
index में शामिल हर share
का अपना अलग अलग वजन (weightage)
होता है! मान लीजिये अधिक weightage वाला share अचानक से गिरना शुरू
हो गया तो वो कुछ समय के लिए ही सही लेकिन index को भी निचे ले जायेगा! इस बात पर
trader को नज़र रखनी होगी!
iv.
trading
के लिये उपलब्ध हर index में volume नहीं होता! उदहारण के तौर पर nifty bank में जितना
trading होता है उसके मुकाबले nifty IT में उतना trading नहीं होता! volume जितना
ज्यादा होता है उतनी आसानी से आप अपनी पसंदीदा कीमतों पर खरीद / बेच सकते हो!
v.
साधारण share के मुकाबले
index में volatility ज्यादा होती है! इसका सीधा मतलब ये है की इसमें आपको ज्यादा
बार और जल्दी जल्दी decisions लेने
पड़ेंगे! मतलब index trading में आपको वक़्त ज्यादा देना पड़ेगा!!
# shares की analysis में
index का इस्तेमाल –
i.
आप जो share खरीदना चाहते
है वो अगर किसी index का हिस्सा है, तो बेहतर होगी की आप उस index की analysis भी
करे! मान लीजिये की index negative दिख रहा और आपका share positive है तब भी index
की वजह से आपका share की कीमत ठीक से बढ़ नहीं पायेगी!
ii. मान लीजिये
आपने ऐसे share में invest किया है जो किसी index का हिस्सा है! बाद में अगर वो
share उस index से निकल जायेगा तो उसके उतार चढ़ाव का ढंग बदल जायेगा! इसपर आपको
ध्यान रखना होगा!

No comments:
Post a Comment